अच्छे चिट्ठाकार के गुण

 (इमेज इंटरनेट से)

 

Learning From Best Bloggers

रीठेल का जमाना है तो आज हम भी एक पुराना लेख रीठेल रहे हैं।

ब्लागिंग के बारे में वर्डप्रैस वालों का एक लेख पढ़ा। मुझे अच्छा लगा और लगा कि इस लेख से बहुत कुछ सीखा जा सकता है तो यहां उसके मुख्य बिंदुओं को हिंदी में लिख रहा हूं। मूल अंग्रेजी लेख आप यहां पढ़ सकते हैं।

1. अच्छे चिट्ठाकार अपने पाठकों की इज्जत करते हैं। (Best Bloggers respect their readers) वे आपको यूं ही नहीं समझते। वे आपकी टिप्पणियों का जवाब देते हैं। वे अपने वादे पूरे करते हैं और यदि कोइ वादा पूरा न कर पायें तो इसका कारण अवशय बताते हैं। (मैं निजी तौर पर ऐसी जगहों पर टिप्पणी करने से हमेशा बचता हूं जहां कभी इस आशय की चेतावनी लिखी हो कि कोई मेरे विचारों के विरूद्ध यहां टिप्पणी न करे)।

2. अच्छे चिट्ठाकार आपको अपनी पहली लाईन में ही अपनी ओर खींच लेते हैं। (Best Bloggers hook you in from the first sentence) थोड़े से कल्पनाओं के घोड़े दौड़ाईये, आप भी यह कर सकते हैं। इस प्रकार से शुरुआत कभी मत कीजिये: माफ कीजिये मैं बहुत दिनों से व्यस्त था, कुछ लिखने को ही न था, मेरे पास क्या चिट्ठा लिखने के अलावा कुछ काम नहीं ? क्या लिखूं, कुछ समझ में नहीं आ रहा ! अच्छे चिट्ठाकार के पास हमेशा आपको कुछ कहने के लिये होगा और यही आपको पढ़ने पर मजबूर कर देगा।

3. अच्छे चिट्ठाकार अपनी भाषा के जानकार होते हैं (Best Bloggers are good at the language) उनकी भाषा स्पष्ट और सीधी तथा व्याकरण सधा होता है। अपनी भाषा से ही वे समझदारी की झलक देते हैं।

4. अच्छे चिट्ठाकार खुले दिल के होते हैं।(Best Bloggers are generous) वे जानते हैं कि हर चिट्ठे का अपना एक स्थान है। जो चिट्ठे उन्हे अच्छे लगते हैं वे उनका लिंक अपने चिट्ठे पर देते हैं, बिना यह देखे कि दूसरा चिट्ठा उनसे छोटा है या बड़ा। नया या पुराना।

5. अच्छे चिट्ठाकार हमेशा कुछ नया सीखते रहते हैं।(Best Bloggers never stop learning) वे दूसरों के चिट्ठे पढ़ते हैं और उनसे सीखते हैं। वे नयी और अच्छी पुस्तकें पढ़ते हैं। कई बार आप जो पुस्तक पढ़ते हैं उसी तरह से लिखने भी लगते हैं। वे नया सीखने और नया करने को हमेशा तत्पर रहते हैं।

6. अच्छे चिट्ठाकार जानते हैं कि वे एक चिट्ठा समूह के सदस्य हैं।(Best Bloggers know they’re part of a community) वे इस समूह में दूसरों की मदद करते हैं। नये लोगों का स्वागत करते हैं, उनका उत्साह बढ़ाते हैं तथा उनकी सहायता करते हैं।

तो भाइयो यह तो था दूसरों का लिखा लेख जिसका मैंने हिंदी में अनुवाद किया।  आप भी बताइये ना कि आप के पास क्या सुझाव हैं अच्छे चिट्ठाकार बनने के लिये?


दलाल विदेशी मुद्ओं के

 

dalal

नहीं नहीं, यह कोई सनसनी फैलाने वाला शीर्षक नहीं है। आप यह न समझें कि हम भी सनसनी फैलाने वाले शीर्षक दे कर टीआरपी बटोर रहे हैं। यह शीर्षक तो हमें दिख गया आज इंटरनेट पर सफर करते करते एक विदेशी मुद्रा दलाल के विज्ञापन पर। शायद यह हिंदी टाईपिंग की जानकारी का अभाव है कि विज्ञापनकर्ता चाहते तो हैं कि इंटरनेट पर  हिंदी में विज्ञापन करें मगर ’मुद्राओं’ जैसा शब्द कैसे टाईप किया जाये इसकी जानकारी नहीं है।


एक साधारण विजेट से अपने चिट्ठे पर पांयें ढेरों पेजलोड्स

पिछली बार हमने आपको बताया था कि किस प्रकार आप गिरगिट का कोड लगा कर सर्च इंजिनों से अधिक पाठक पा सकते हैं। इस बार आपको बताते हैं किस प्रकार एक साधारण सा विजेट लगा कर आप पेजलोड्स को कई गुणा बढ़ा सकते हैं।  यह विजेट है ‘रीसेंट पोस्ट्स’ का जो कि ब्लॉगर में ही समाहित है। recent posts

RP1

यदि आप अपने ही ब्लॉग के फीड विजेट लगाते हैं तो फीड विजेट में  केवल पिछले पांच पोस्ट ही नजर आते हैं मगर रीसेंट पोस्ट के विजेट में आप जितने चाहे उतने पोस्ट दिखा सकेंगे।  अब यदि आपकी पोस्टों के शीर्षक आकर्षक हैं तो आपका पाठक उन पर अवश्य क्लिक करेगा और आपको ढेरों पेज लोड्स मिलेंगे। नीचे के उदाहरण में अधिकतर पेजलोड्स जो नजर आ रहे हैं वे इसी विजेट की वजह से ही हैं।

readers

आप भी यह विजेट लगायें और देखें कि किस प्रकार आपके चिट्ठे के पेजलोड्स बढ़ते हैं। अपना अनुभव हमें टिप्पणियों के द्वारा बताना ना भूलें।


गूगल ब्लॉगर की एक मजेदार कारस्तानी

परसों यानि 25 अगस्त को ब्लॉगर के अपने ब्लॉग पर आयी एक मजेदार पोस्ट। अब यह किसी मशीन का काम है या इंसान का यह तो गूगल बाबा ही जानें।

आप देखिये हमारे गूगल रीडर पर इसकी फीड का स्क्रीनशॉट

Blogger buzz

खैर इसे जल्द ही हटा दिया गया। इस पोस्ट का लिक यहां है जहां अब यह नजर आता है।

bb


सर्च इंजिनों से ज्यादा पाठक पाने के लिये लगायें गिरगिट कोड

Get more readers from search engines with Girgit Code

SEO tips for Indian Language Blogs

आईना को निजी डोमेन पर आये अभी पचास दिन भी पूरे नहीं हुए हैं मगर स्टैटकाउंटर लगाने के बाद (जो कि वर्डप्रैस पर संभव नहीं था) कई तरह के आंकड़े मिल रहे हैं। सबसे बढ़िया जो चीज पता चली वह यह कि चिट्ठाजगत का गिरगिट कोड लगाने से चिट्ठे को लगभग 20% अधिक पाठक मिले। आईना पर सबसे अधिक देखे गये पेजों में 20% पेज चिट्ठाजगत के सर्वर पर थे। सबसे अधिक देखे गये 500 पेजों में 108 पेज गिरगिट के कोड की वजह से देखे गये।

girgit

 search

आपने यदि अभी तक गिरगिट कोड नहीं लगाया है तो यह रहा लिंक। अपने चिट्ठे पर गिरगिट कोड लगायें और सर्च इंजन से आने वाले पाठक बढ़ायें। गिरगिट कोड  किसी भी भारतीय भाषा के ब्लॉग पर लगाया जा सकता है।

आईना - हिंदी ब्लॉग | Aaina - Hindi Blog


गूगल ट्रांसलिट्रेशन – हिंदी लिखने की (अ)सुविधा

Google Translitration  

गूगल Google ने हिंदी ट्रांसलिट्रेशन Hindi Transltration  का टूल जब से शुरू किया तभी से हिंदी में चिट्ठे लिखने वालों की संख्या दिन दूनी रात चौगुन गति से बढ़ रही है। ऑर्कुट Orkut, जीमेल Gmail और ब्लॉगर Blogger पर गूगल ट्रांसलिट्रेशन के सम्मिलित होने से भी इंटरनेट पर हिंदी टाईपिंग के बारे में लोगों में बहुत जागरुकता आई। हिंदी ब्लॉगिंग में वृद्धि के और भी बहुत से कारण रहे होंगे पर यह तो स्पष्ट दिखता है कि गूगल बाबा ने इस और बहुत लोगों को प्रेरित किया है। गूगल पर आसान होते हिंदी सर्च(Hindi Search) भी इसका एक कारण हो सकते हैं।

गूगल के ट्रांसलिट्रेशन बुकमार्कलेट ने भी इंटरनेट पर  हिंदी टाईपिंग(Hindi Typing) को आसान बनाया है मगर बुकमार्लेट लगाना थोड़ा तकनीकि मामला है और हर किसी को इसके बारे में जानकारी शायद ना हो।

गूगल के ट्रांसलिट्रेशन की आपनी कुछ सीमायें हैं।

  1. इसे केवल ऑनलाईन(Online) ही प्रयोग कर सकते हैं।
  2. एक शब्द को रोमन(Roman) में टाईप करने पर यह गूगल सर्वर से उसका देवनागरी शब्द चुनता है जिससे टाईपिंग धीमी हो सकती है।
  3. शब्दों का संपादन(Editing) कठिन होता है तथा गूगल ट्रांस्लिट्रेशन केवल अपने शब्दकोश में संचित शब्दों को ही देवनागरी में आसानी से बदलता है जिससे दूसरी भाषा (जैसे कि उर्दू या अंग्रेजी  के शब्द) लिखने में मुश्किल हो सकती है।
  4. इंटरनेट पर जब तक आप पोस्ट लिख रहे हैं तो आपको ऑनलाईन(online) रहना पड़ता है। आप ऑफलआईन(offline) नहीं लिख सकते।
  5. गूगल ट्रांस्लिटरेशन में हिंदी के लिये पूर्णविराम ’।” नहीं है जिससे मजबूरी मे
    कई लोग पूर्णविराम के स्थान पर ’|’ या बिंदू(dot)  का  प्रयोग करते हैं।
  6. यदि आप बुकमाकर्लेट या पिटारा टूलबार प्रयोग नहीं कर रहे तो  कट, कॉपी, पेस्ट करने का झंझट रहता है।

नीचे दिये गये स्क्रीनशॉट में देखिये मैं ’निंबुड़ा’ शब्द टाइप नहीं कर पाया।

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इस सब से बचने के लिये आप हिंदी टाइपिंग का कोई भी ऑफलाइन टूल प्रयोग कर सकते हैं।

इसके लिये आप श्रीश भाई का लिखा यह लेख पढ़ें

बारहा, हिन्दीराइटर तथा इंडिक IME की तुलनात्मक समीक्षा

बरहा मेरा पसंदीदा टूल है इसके बारे में आप जीत्तू भाई का लिखा यह लेख पढ़ें

बाराहा नही भई वाह! वाह! बोलिये

 


हिंदी चिट्ठों का अपना बुकमार्क बटन



आज नेट पर मिला हिंदी चिट्ठों के लिये अपना बुकमार्क बटन। यह बुकमार्क बटन बनाया है http://findindia.net ने। हिंदी के अलावा यहां अन्य भारतीय भाषाओं के लिये बुकमार्क बटन भी हैं।

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कहने को तो यह बुकमार्क बटन है (ऐसा इस साईट का दावा है) मगर बटन पर करसर ले जाने पर  जो मीनू आता है वहां ब्लॉगवाणी, चिट्ठाजगत, हिंदीब्लॉग्स, दैट्स इंडिया और ब्लॉगकुट के लिंक ही आते हैं। बटन पर क्लिक करने पर आप http://findindia.net पर पहुंच जाते हैं।

findindia

बटन में इन सब एग्रिगेटरों के वह पेज दिये गये हैं जहां जा कर आप अपने चिट्ठे इन पर जोड़ते हैं। मगर हिंदी के अधिकतर चिट्ठे पहले से ही इन एग्रिगेटरों से जुड़े ही हुए हैं।

इस बटन से चिट्ठे या चिट्ठापोस्ट की रैंकिंग पर कोई असर नहीं पड़ता। ना ही आपका चिट्ठा या चिट्ठा पोस्ट स्वतः इन एग्रीगेटरों से जुड जाते हैं।

अब इसे हम बुकमार्क बटन कहें या नहीं यह देखने वाली बात है, मगर हर्ष की बात है कि हिंदी में ऐसे प्रयास हो रहे हैं। उम्मीद है कि इस बटन में आगे चल कर सुधार होगा।

वैसे आपको बता दें कि मुझे अपने ब्लॉग्स्पॉट के चिट्ठे पर इस बटन को  स्थापित करने में कोई दिक्कत नहीं आई और यह बटन केवल दो चरणों में ही स्थापित हो गया।

 


यूक्रेन, ट्यूनीशिया और सुरिनाम जैसे देशों में भी पिटारा को प्रयोग किया जा रहा है

 

पिटारा दुनिया भर के हिंदी भाषियों को आकर्षित कर रहा है। भारत के अलावा कतर, अमेरिका, दुबई ही नहीं यूक्रेन, ट्यूनीशिया और सुरिनाम जैसे देशों में भी पिटारा को प्रयोग किया जा रहा है।

पिछले 90 दिनों मे पिटारा के 1871 डाउनलोड हुए। इनमें से 1448 डाउनलोड भारत में हुए। इसके बाद सबसे अधिक डाउनलोड कतर (114) में हुए |  इसके बाद अमेरिका (60), दुबई (36), सउदी अरब (26), स्पेन (18), पाकिस्तान (10)  और अस्ट्रेलिया (9) का नंबर आता है।

pitara map

(यह नक्शा दिखाता है कि 15 अगस्त 2009 की सुबह कहां कहां प्रयोग हो रहा था पिटारा) 

बाकी आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं

कनाडा 8

फिनलैंड 8

ओमान 8

फ्रांस 7

इरान 6

इटली 6

कुवैत 6

युनाईटेड किंगडम 6

चीन 4

रूस 4

थाईलैंड 4

बेलजियम 3

मिस्र 3

जर्मनी 3

जापान 3

नेपाल 3

सिंगापुर 3

ब्राजील 2

एक्वाडोर 2

फिजी 2

इन सब के अलावा पिछले 90 दिनों में  ग्रीस, मलेशिया, मोरक्को, रोमानिया, ताईवान, अलजीरिया, बांग्लादेश, Cayman Islands, हंगरी, इंडोनेशिया, कोरिया, लिथुआनिया, मॉरिशस, नोर्वे, पेरू, सुरिनाम, सीरिया, ट्युनीशिया और यूक्रेन में भी पिटारा के डाउनलोड हुए हैं।