डिग्ग पई ब्लॉगपोस्ट … टूल बार बार हत्थ दे इशारे

डिग्ग  ने हाल ही में बहुउपयोगी   डिग्ग बार शुरू की है। आज  यह जानने के लिये सर्च किया कि हिंदी में डिग्ग बार के बारे में कहीं कुछ लिखा गया है तो मजेदार नतीजा सामने आया।

सबसे ऊपर थी देवनागरी में लिखी पंजाबी की एक साइट :

माई फिर दस्सण लग्गी कि , ''आह मेरे हत्थ विचली
शीशी वरगी शीशी किे्ेते डिग्ग पई. ... पर माई दे
बार बार हत्थ दे कीते जा रहे इशारे तों समझके,
उह पासा वट्टके उसदी सीट अग्गों लंघ गई। ...

एक बात और बता दूं कि अब डिग्गबार को पिटारा से भी प्रारंभ किया जा सकेगा, विस्तार से यहां पढ़ें।



3 comments:

अनिल कुमार April 5, 2009 4:50 PM

मजेदार! ऐसी ही कुछ हास्यास्पद स्थितियाँ पहले भी देख चुका हूँ! बोलो गूगल बाबा की - - - जय!

परमजीत बली April 5, 2009 8:01 PM

सही बात है कई बार ऐसे ही नतीजे आ जाते हैं।

navneet May 4, 2009 8:34 PM

सही बात है

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