एक शहर

एक शहर - अमृता प्रीतम

 

1.

अस्पताल के दरवाजे पर

हक, सच, ईमान और कद्रें,

जाने कितने ही लफ्ज़ बीमार पड़े हैं

इक भीड़ सी इकट्ठी हो गयी है,

 

जाने कौन नुस्खा लिखेगा

जाने यह नुस्खा लग जायेगा,

लेकिन अभी तो ऐसा लगता है

इनके दिन पूरे हो गये...

2.

इस शहर में एक घर

घर कि जहां बेघर रहते हैं

जिस दिन कोई मजदूरी नहीं मिलती

उस दिन वे परेशान रहते हैं

 

बुढ़ापे की पहली रात

उनके कानों में धीरे से कह गयी

कि शहर में उनकी

भरी जवानी चोरी हो गयी....

 

3.

कल रात बला की सर्दी थी

आज सुबह सेवा समिति को

एक लाश सड़क पर पड़ी मिली है

नाम व पता कुछ भी मालूम नहीं

 

शमशान में आग लग रही है

लाश पर रोने वाला कोई नहीं

या तो कोई भिखारी मरा होगा

या शायद कोई फलसफ़ा मर गया....

 

4.

किसी मर्द के आगोश में-

कोई लड़की चीख उठी

जैसे उसके बदन से कुछ टूट गिरा हो

 

थाने में एक कहकहा बुलंद हुआ

कहवाघर में एक हंसी बिखरी

सड़कों पर कुछ हॉकर फिर रहे हैं

एक एक पैसे में खबर बेच रहे हैं

बचा खुचा जिस्म फिर से नोच रहे हैं....

 

5.

गुलमोहर के पेड़ों तले

लोग एक दूसरे से मिलते हैं

जोर से हंसते हैं गाते हैं

एक दूसरे से अपनी अपनी

मौत की खबर छुपाना चाहते हैं

संगमरमर कब्र का तावीज है

हाथों पर उठाये उठाये फिरते हैं

और अपनी लाश की हिफाजत कर रहे हैं....

6.

दिल्ली इस शहर का नाम है

कोई भी नाम हो सकता है ( नाम में क्या रखा है)

भविष्य का सपना रोज रात को

वर्तमान की मैली चादर

 

आधी ऊपर ओढ़ता है

आधी नीचे बिछाता है

कितनी देर कुछ सोचता है, जागता है,

फिर नींद की गोली खा लेता है.....

 


अब ट्विटर पर सीधे संदेश भेजें अपने पिटारा टूलबार से

ट्विटर बहुत ही तेजी से इंटरनेट पर लोकप्रिय हो रही माइक्रोब्लॉगिंग नेटवर्किंग सेवा है। इसके द्वारा आप लगातार हर समय  अपनो मित्रों के संदेश प्राप्त भी कर सकते हैं और अपने संदेश भेज भी सकते हैं। ट्विटर के बारे में ज्यादा जानकारी आप आलोक जी के इस लेख से ले सकते हैं। यदि आपका ट्विटर पर खाता नहीं है तो आज ही बनायें और स्वंय ट्विटर की साइट पर जाकर इसे आजमा कर देखें।

twitter

पिटारा टूलबार पर हमने ट्विटर का गेजेट लगाया है। इससे आप ट्विटर पर अपने मित्रों को लगातार संदेश भेज सकते हैं और उनके संदेश पढ़ भी सकते हैं। ट्विटर के बटन पर क्लिक करते ही एक खिड़की खुलेगी जिसमें आप अपने संदेश भेज सकेंगे और मित्रों के संदेश पढ़ सकेंगे। इस गेजेट को आप स्क्रीन पर कहीं भी खिसका सकते हैं और जब चाहे संकुचित( मिनिमाइज)  कर सकते हैं।


ज्ञानवर्धक रहा दिल्ली ब्लॉगकैंप

दिल्ली में ब्लॉगकैंप की घोषणा जब अमित  ने की तो उसी समय मन बना लिया था कि इस ब्लॉगकैंप में जरूर जाऊंगा।

मगर शनिवार सुबह एक जरूरी मीटिंग निकल आयी। मीटिंग लम्बी हो रही थी और मेरा मन नैहरू प्लेस में माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस में चल रही ब्लॉगकैंप पर ही अटका था। किसी तरह मीटिंग समाप्त कर निकला तो ट्विटर पर अमित का संदेश था कि Blogging beyond English पर अपनी प्रस्तुति वे समाप्त कर चुके हैं। जल्दी में जब ब्लॉगकैंप में पंहुचे तो अभिषेक कोर्पोरेट ब्लॉगिंग पर अपनी प्रेजेंटेशन दे रहे थे। Image079

ब्रेक हुआ तो जाना कि हिंदी ब्लॉगिंग से स्वंय अमित के अलावा केवल मसिजीवी ही उपस्थित थे। थोड़ी देर के लिये हिंदी युग्म के शैलेश भारतवासी भी आये।

 

मोहित महेश्वरी की ब्लॉग्स से कमाई पर प्रस्तुति How to monetize a blog effectively? How to enhance earnings from a Blog? से भारतीय संदर्भों में ब्लॉग्स से कमाई पर कुछ जानने की उम्मीद

थी।  मोहित ने आंकड़ों के साथ बताया की  जिस गति से ऑनलाईन विज्ञापनों के लिये विज्ञापन दाता अपना बजट बढ़ा रहे हैं उस गति से इंटरनेट पर कांटेंट नहीं बढ़ रहा है। इसका अधिक से अधिक फायदा ब्लॉगर्स को मिलेगा।

इस प्रस्तुति के दौरान ही ट्विटर पर अमित अग्रवाल ने संदेश भेज अपनी प्रतिक्रिया भी दी।

ट्विटर पर मैं भी अभी हाल ही में सक्रिय हुआ हूं।  अभी इसे प्रयोग करना सीख रहा हूं। ट्विटर के बारे में जानने के लिये आलोक जी का यह लेख देखिये।

Image081अभिषेक बक्शी ने अगली प्रेजेंटेशन माइक्रोब्लॉगिंग पर दी जो कि मुख्यतः ट्विटर पर ही थी। यह प्रस्तुति बहुत ही ज्ञानवर्धक रही। अभिषेक का अंदाज भी मजेदार था।

 

 

 

Image076 अमित की फोटोब्लॉगिंग पर प्रस्तुति भी मजेदार रही। अपनी प्रस्तुति की आखिरी स्लाइड में जब अमित ने हिंदी में भी लिखा "कोई प्रश्न?" तो एक ब्लॉगर ने इसी पर प्रश्न उठा दिया कि आपने हिंदी में कोई प्रश्न क्यों लिखा है। अमित का जवाब था कि मैं हिंदी में पूछे गये प्रश्नों का भी जवाब देना चाहता हूं। ऐसा बोलते हुए एक गर्व का भाव अमित के चहरे पर साफ नजर आ रहा था।

 

 

ब्लॉगकैंप समाप्त होने से थोड़ा पहले ही मुझे वहां से जाना पड़ा। कुल मिला कर यह एक मजेदार और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। आखिर में आपको बता दें कि बिल्लू (के ऑफिस) की खिड़कियों से दिल्ली कैसी नजर आती है।

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(सभी फोटो मेरे नोकिया 3110c से)


ब्लागकैँप से मसिजीवी के साथ

ब्लागकैँप से मसिजीवी के साथ बर्गर खाते हुए।


मोबाइल ब्लॉगिंग पर रिपोर्ट की रिकार्डिंग





यहां पेश है पिछले शनिवार को एनडीटीवी के कार्यक्रम ग्रेट इंडियन बाजार में मोबाइल ब्लॉगिंग पर प्रसारित एक रिपोर्ट। इसे मैंने अपने मोबाइल से ही रिकार्ड किया था इसीलिये क्लिप की क्वालिटी थोड़ा अच्छी नहीं है।


अंग्रेजी हिंदी अनुवाद पिटारा से

English to Hindi and Hindi to English Translation

google translation

 

 

गूगल (Google)  के हिंदी (Hindi) से अंग्रेजी (English) और अंग्रेजी (English)  से हिंदी (Hindi) अनुवाद (Translation) के औजार (Tool) को पिटारा में जोड़ दिया गया है। आप किसी भी साइट पर हों, एक क्लिक से उसे हिंदी से अंग्रेजी अथवा अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद (Translation) कर सकते हैं।

 

आपको बस टूल मीनू में अनुवाद पर क्लिक कर अपना ऑप्शन चुनना है।

 

आपने यदि किसी अनुच्छेद (पैरा) का अनुवाद करना है तो बस उसे चुन कर कापी करलें, इसके बाद अनुवाद ऑप्शन पर क्लिक करें, क्लिपबोर्ड से आपका अनुच्छेद अनुवादित हो जायेगा।

पिटारा टूलबार यहां से डाउनलोड करें 


मोबाइल ब्लॉगिंग पर देखिये एक खास रिपोर्ट

Report on Mobile Blogging on NDTV

मोबाइल ब्लॉगिंग पर एक खास रिपोर्ट देखिये आज शाम 5.30 पर NDTV इंडिया के कार्यक्रम ’ग्रेट इंडियन बाजार’ में।

 

इसकी रिकार्डिंग कल  की गयी। यह एक मजेदार अनुभव रहा।

 

कार्यक्रम रात 12.30 पर दोहराया भी जायेगा।


आज कल के मुकाबले दिल्ली मेँ गर्मी कम है फिर भी पसीने आ रहे हैँ।

आज कल के मुकाबले दिल्ली मेँ गर्मी कम है फिर भी पसीने आ रहे हैँ।


हिंदी ना लिखिये लार्ज भैया

गूगल बाबा हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद का औजार ले कर आये हैं। इसकी सूचना अनुनाद जी ने चिट्ठकार समूह पर दी।

गूगल ने इस तरह की सुविधा शुरू की यह बहुत बड़ी बात है, बहुत सी कमियां हैं पर उम्मीद है मशीनी अनुवाद धीरे धीरे सुधार लिया जा सकेगा। यदि यह सफल होता है तो सोचिये इंटरनेट के करोड़ों अंग्रेजी पृष्ठ हिंदी पढ़ने वालों को उपलब्ध हो सकेंगे।

फिलहाल के लिये देखिये मेरी पिछली पोस्ट का अंग्रेजी अनुवाद गूगल के इसी अनुवादक से:

Hindi na लिखिये large Bhaiyya

 

पूजनीय large Bhaiya,
Worship,

Today, once again खत you are writing. We heard that your बिलाग started आपहूं made. हमका big happy.

We do not leave your today ऐको फिलम. टेलीबिजन all इंटरब्यू seen. All in Hindi. Born in Pardes you our answer. Hindi rites. Hindi in the whole life thing. "Kaun Banega Crorepati", when you speak Hindi, we Jason Hindi speakers to sew some of the flowers.
ईश्बर from the किरपा last year दुई from हमऊं बिलाग पढ़त. Written in Hindi बिलाग the पढ़त. ऊ of English is not the हमका, बांचनी comes नाही. If you also write in Hindi, we'll be able to read जैइसे So many people. We see that you बाबूजी the line दुई written in Hindi.


एक और मोबाइल पोस्ट

आज एक और मोबाइल पोस्ट जाँच के लिये।