और यह रही आईना की टिप्पणी नीति
शुरू में तो आईना पर टिप्पणी करने वालों के लिये कोई रोक नहीं थी मगर जब यदा कदा वाय्ग्रा जैसी चीजें बेचने के लिये टिप्पणियां आने लगीं तो मुझे भी आईना पर मॉडरेशन लगानी पड़ी। फिर अलग अलग तरह से अपनी अपनी साईट के लिंक दे कर लोग हिंदी और अंग्रेजी टिप्पणी देने लगे। कोई हिंदी चिट्ठा शुरू करे और इसकी सूचना यहां टिप्पणी में दे तो स्वागत है। नये चिट्ठे पर जाता भी हूं। मगर जब एक ही साईट की सूचना बार बार स्पैम की हद तक दी जाती है तो ऐसी टिप्पणियां भी मॉडरेट नहीं करता। वैसे मेरी कोई सोची समझी मॉडरेशन नीति अभी तक नहीं थी फिर भी हमेशा यह ध्यान रखा कि आईना पर किसी की टिप्पणी में किसी तीसरे के लिये कोई अशोभनीय बात न हो। ऐसी टिप्पणियां मैंने हमेशा या तो संपादित कर दीं या उन्हें डिलीट ही कर दिया।मेरी पोस्ट मैंने नहीं किया ब्लॉगवाणी पर डिस्ट्रिब्यूटिड डिनायल ऑफ सर्विस अटैक पर एक मानवेंद्र की अशोभनीय टिप्पणी आयी जिसे मैंने मॉडरेट नहीं किया। इसके बाद अरुण अरोड़ा की एक के बाद एक तीन टिप्पणियां आयीं जिनमें हमारे एक वरिष्ठ चिट्ठाकार और उनके माता पिता के लिये अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया। जाहिर है कि उन्हें भी प्रकाशित नहीं किया गया।
अब मैं घोषित रूप से बता रहा हूं कि आईना पर किसी भी अशोभनीय टिप्पणी को कभी भी मॉडरेट नहीं किया जायेगा।
