मुन्ना सरकिट संवाद

सरकिट : भाई, ये अमेरिका का दुकानदार अपुन को भोत चीट किया।
मुन्ना : क्यों क्या हुआ सरकिट?
सरकिट: भाई वो अपुन को बोला कि ये रेडियो अमेरिका में बना है मगर ये इदर आके बोलता ये आल इंडिया रेडिया है।

 



मुन्ना भाई: सरकीट, तुम अपने नये जॉब में पइलेच दिन लेट नाईट तक काम किया? नया जॉब भोत पसंद आया तेरे कू?
सरकिट: अरे भाई, उदर कंप्यूटर के कीबोर्ड में ए बी सी सही ऑर्डर में नहीं लगा था उसी को सही करते करते इतना टैम लग गया।

 



मुन्नाभाई: अरे सरकिट आज तो जाह्न्वी के सामने अपुन की वाट लग गयी।
सरकिट :क्या हुआ भाई?
मुन्नाभाई: वो बोली कि अपनी अंगेजमेंट पर तुम मेरेकु रिंग देगा ना, तो मैं बोला श्योर रिंग देगा तुम बताओ लैंडलाईन पर या मोबाइल पर।

 



मुन्ना : अरे सरकिट गाड़ी में बम ध्यान से लगा, कहीं लगाते लगाते ही न फट जाये।
सरकिट: चिंता मत कर भाई, अपुन के पास एक और बम है।

 



मुन्ना: अरे सरकिट तेरा बर्थडे कब का है?
सरकिट: तेरह अक्टूबर
मुन्ना: कौन से साल?
सरकिट : भाई, हर साल।

 



मुन्ना: अरे सरकिट, गाड़ी के व्हील काये को उतार रहा है?
सरकिट: भाई देखता नहीं है इदर लिखेला है कि पार्किंग फॉर टू व्हीलर्स ओन्ली।

 



मुन्ना: सरकिट इस गाड़ी का नाम क्या है।
सरकिट : पता नहीं भाई, मगर टी से स्टार्ट होता है।
मुन्ना: बड़ी कमाल की कार है भाई, अपुन का कार तो पैट्रोल से स्टार्ट होता है।

 



मुन्ना: भाई, अगर दुशमन का पनडुब्बी आयेंगा तो उसे कैसे मारेंगे?
सरकिट: भोत सिंपल है भाई, जाके बस दरवाजे पर नॉक करने का, वो उसे खोल देंगे।

 



मुन्ना: कमाल की बात है सरकिट इदर अमेरिका में इमेल से भी शादी होती है।
सरकिट: पर भाई अपन के उदर तो सिर्फ फीमेल से ही शादी होती है।

(एक पुरानी मेल पर आधारित)




दुबले होने का नुस्खा

 

General Motors Diet Plan in Hindi, Lose Weight Plan 

आलोक जी की इस पोस्ट को देखा तो छः साल पहले दुबले होने के लिये किये गये कुछ कारगर नुस्खे अपन को भी याद आ गये। 

दुबले होने की जनरल मोटर्स डाईट प्लान General Motors Diet Plan बहुत चलन में थी उन दिनों। जिस ऑफिस में मैं उन दिनों काम करता था इसका इतना चलन था कि ग्रुप में इस सात दिन के प्लान को किया जाता। लंच टाइम में हर कोई सलाद खा रहा होता। सात दिन का यह कार्यक्रम न सिर्फ आपके वजन में पांच से आठ किलो की कमी करता है, आपके पाचन तंत्र को भी सुधारता है।

हालांकि सभी डाईट प्लान्स (Diet Plans) के साथ यह वैद्यानिक चेतावनी तो रहती ही है कि इसे डाक्टर से पूछ कर या डाक्टर की देख रेख में ही करें मगर मेरे ऑफिस में बहुत लोगों ने इसे अपने आप ही किया और सभी को इसके बहुत अच्छे परिणाम मिले। मजेदार बात यह है कि इस प्लान में आप पेट भर कर खा सकते हैं, जितना मर्जी खा सकते हैं मगर आपको वही खाना और पीना ;) है जो कि इस प्लान में बताया गया है।

अंग्रेजी में आप इसे यहां पढ़ सकते हैं। इसका हमने कुछ कुछ भारतीयकरण कर दिया था तो संक्षेप में इसे हिंदी में बता देते हैं।

कहते हैं कि यह प्लान जनरल मोटर्स कंपनी ने खास तौर पर अपने कर्मचारियों के लिये बनवाया था।

पहले सात दिन किसी भी तरह की अल्कोहल, शराब, बियर अथवा सॉफ्टड्रिंक (क्लब सोडा को छोड़ कर) की मनाही है।

सात दिन कमसे कम प्रतिदिन दस गिलास पानी अवश्य पीयें।

पहला दिन:  केले के अलावा  सारे फल खायें। जितना मर्जी फल फ्रूट खायें। खास कर तरबूज खायें।

दूसरा दिन: सलाद और सब्जियां। जो कच्ची खायी जा सकती वे सब्जियां कच्ची ही खायें अथवा उबाल कर या पका कर खायें। सुबह नाश्ते में थोड़े से मक्खन  के साथ भुना आलू खाने को कहा गया है मगर मैं इस दिन उबला आलू मसल कर उसमें प्याज और मसाला डाल उसी तरह तैयार कर लेता जैसे कि परांठा बनाने के लिये उबले आलू को मसल कर मसाला बनाया जाता है। इससे पेट भी भरा भरा रहता है।

तीसरा दिन:  सब्जियां और फल। कोई सीमा नहीं, जितना चाहे खायें। केला अभी भी नहीं खाना है। और आज आलू भी नहीं खाना है।

चौथा दिन: केले और दूध। आज के दिन आठ केले और तीन गिलास दूध। इसके साथ बाद में बताये गये तरीके से बना सूप भी पियें।

पांचवां दिन: हम इस दिन खाते हैं  पनीर (पकायें नहीं) और टमाटर। पानी कुछ और ज्यादा पीयें।

छठा दिन: पनीर और सब्जियां। जितना चाहे खायें।

सातवां दिन: ब्राउन राईस (अपन साधारण उबले चावल भी खाते) । फलों का रस और सब्जियां।

खास सूप : कम से कम छः प्याज, बड़े बड़े टमटार, शिमला मिर्च और बंद गोभी से सूप बनायें और  सातों दिन जितना चाहे पीयें।

जिस दिन सब्जियां खाने की छूट है उस दिन आप सब्जियां  पका भी सकते हैं। एक चम्मच रिफाईड अथवा घी हर रोज इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस डाइट को करते समय आपको डाइटिंग पर होने का ज्यादा अहसास नहीं होता। मुझे जब भी ऐसा अहसास होता तो सोडा (क्लब सोडा) में नींबू और काला नमक मिला कर ले लेता।

हालांकि इस डाइट प्लान में दूध की चाय पीना मना है मगर इतनी छूट हम अपने को दे सकते हैं।

आपको अपने शरीर में तीसरे दिन से ही अंतर दिखने लगेगा। आठवें दिन स्वंय को आईने में देखें। अच्छा लगेगा।


अब बनाइये अपने चिट्ठे की मोबाइल से पढ़ी जा सकने वाली साईट

How to create Mobile site of your Blog

हमारे देश में कोई चार करोड़ इंटरनेट (Internet)  कनेक्शन हैं और पच्चीस करोड़ मोबाइल (Mobile)  हैं। अधिकतर मोबाइल GPRS युक्त हैं तो आप समझ सकते हैं कि इंटरनेट कि पहुंच आने वाले दिनों में किस के जरिये अधिक से अधिक लोगों तक होगी। तो क्या हिंदी चिट्ठाकारों को भी इस तेजी से फैलते इंटरनेट के प्लेटफॉर्म का प्रयोग नहीं करना चाहिये।

आप भी अपने चिट्ठे(Blog) की मोबाइल(Mobile) से पढ़ी जा सकने वाली साईट(Site) बना सकते हैं। मैंने आईना और मजेदार समाचार की इसी तरह की साईट(Site) बनाई है। आप भी अपने चिट्ठे(Blog) की मोबाइल साईट(Mobile Site) बहुत ही आसानी से बना सकते हैं। यही नहीं आप इस मोबाइल साईट में एडसेंस(Adsense) भी लगा सकते हैं। तो आप भी बनाइये अपनी मोबाइल साईट और उसका URL अपने अपने मित्रों को SMS  कर दीजिये।

इसके लिये आप विंक्साईट (http://winksite.com)    (इसके अलावा और भी कोई इस तरह की सुविधा देने वाली साईट हो सकती हैं) पर जायें और अपना खाता खोलें। इसके बाद अपने चिट्ठे की फीड दे कर आप अपना मोबाईल से पढ़ा जा सकने वाला चिट्ठा बना सकते हैं। यह साईट आपके फिड के द्वारा अपने आप ही अपडेट होती रहेगी।

आजकल आने वाले मोबाइल के सभी नये मॉडलों में हिंदी पढ़ने की सुविधा मौजूद है।

आप अपना रोमन फीड दे कर रोमन साईट भी बना सकते हैं। इसके बाद आप अपना गूगल एडसेंस कोड दे कर अपनी मोबाइल साईट पर विज्ञापन भी लगा सकते हैं।

तो क्यों न जल्दी से मोबाईल हो जायें?

फीड के बारे में जानने के लिये यहां पढ़ें

अपने चिट्ठे का रोमन फीड कैसे लें

कैसे लिखी मोबाइल से हिंदी


कुछ छोटी छोटी बातें

आज कुछ छोटी छोटी बातें:

1. आईना का गूगल पेज  रैंक बढ़ कर पांच हो गया है। कुछ अच्छे हिंदी चिट्ठों का पेज रैंक कुछ इस प्रकार है:



आप अपना पेज रैंक यहां चैक कर सकते हैं। गूगल पर आपके पेज रैंक के आधार पर ही आपको सर्च करने वालों को दिखाये जाने वाले नतीजों में प्रमुखता मिलती है।

खुशी की बात है कि हमारे हिंदी टूलबार पिटारा के चिट्ठे  और  डाउनलोड पेज दोनों का पेज रैंक  चार हो गया है।

2. कचरा हिंदी ठीक करने के लिये : कभी कभी ईमेल में यदि कचरा हिंदी नजर आये तो आप उसे इस लिंक पर जाकर ठीक कर सकते हैं। इस लिंक को हिंदी टूलबार में जोड दिया गया है।

3. गर्भनाल एक शानदार हिंदी की ई पत्रिका है। मैं इसे काफी समय से पढ़ रहा हूं तथा मैं चाहता हूं कि आप सभी को भी इसके बारे में पता चले। यह पीडीएफ के रूप में मुफ्त उपलब्ध करायी जाती है। आप इस पत्रिका को हिंदी टूलबार पिटारा में पढ़ सकते है। 

गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।