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21 comments:

आशीष June 22, 2007 12:26 AM

आईना का ना-रद्द विशेषांक पसंद आया !
अगले अंक की प्रतिक्षा है :)

विकास June 22, 2007 12:28 AM

अइसे लिखियेगा त बैन हो जयियेगा ना जी..? वैसे हमको तो बहुत मजा आया ई पढ़ के। तो हम आपके बैन का विरोध करते हैं। (अग्रिम विरोध ही उचित है)

Sanjeet Tripathi June 22, 2007 12:44 AM

हा हा, बढ़िया !!
अगला अंक कब ?

raviratlami June 22, 2007 12:59 AM

आपका संपादकीय ही सबसे बड़ा झूठ है. बाकी सब सत्य है.

बढ़िया, कड़क व्यंग्य.

Amit June 22, 2007 1:39 AM

वाह-२, मजा आ गया जी, अगले अंक की प्रतीक्षा है! :D

bihari babu,  June 22, 2007 1:50 AM

ha ha ha..................
kimat de di.. aur apaka paper bhi padha liya. Badhiya prayas! Badhayi Shukul ji ko bhi, jinhone aapko iske liye prerit kiya.........

ई-स्वामी June 22, 2007 2:03 AM

बहुत रचनात्मक! इसे बनाने में बहुत मेहनत लगती है! शानदार शुरुआत.
मज़ा आ गया.

arun arora June 22, 2007 2:49 AM

हम इसके विरोध और बैन मे समर्थन मे है, ये चाल है हमारा अखबार बंद कराने की,हमे इसमे सामप्रादायिकता दिखाइ दे रही है और जो इसका समर्थन करेगे हम उनको गुजरात मोदी जैसी गालिया देगे
काहे की इत्ते अच्छॆ अखबार के सामने हमारा अखबार कौन पढेगा
असली फ़ुरसतिया टाइम्स जिन्दाबाद

अनूप शुक्ल June 22, 2007 2:54 AM

बहुत खूब। हर मिनट कीमत चुका रहे हैं। ठहाके लगा रहे हैं।

समीर लाल June 22, 2007 3:16 AM

वाह वाह!! क्या अंदाज है नये संपादक साहब का. बहुत खूब, लगे रहो, हा हा!!! :)

masijeevi June 22, 2007 4:13 PM

कीमत से कुछ ज्‍यादा ठहाके हमारे मुँह से गिर पड़े हैं- बकाया वापस करें।

और हॉं समीर जी ने क्‍लास लेके सिखाया था कि हाट स्‍पाट बनाकर लिंक कैसे दें- उसी का इस्‍तेमाल करें।

Arvind Chaturvedi June 22, 2007 9:22 PM

अमां भैया, अगर ऐसे ही आप लिखते रहे तो हमें तो पढने पर मज़बूर ही होना पडेगा ना. काहे से, कि छोडा भी नही जा सकता.
तो बाकी सब काम बन्द .बस आईना समाचार .
पढ कर हसीं इतनी आई कि मेरी राय मेँ नाम होना चाहिये:
" हसी ना आई ना (?) समाचार ".

How do we know June 25, 2007 9:39 PM

वाह्! मज़ा आ गया। सन्दर्भ समझ् नही आया क्योन्कि नारद से जान पह्चान नही है। पर मज़ेदार है!

Shrish June 26, 2007 12:05 PM

हम्म मजेदार रहा पहला अंक, उम्मीद है अगले अंक और भी मजेदार होंगे। :)

Ramashankar Sharma,  January 27, 2008 9:58 PM

दूसरा अंक कब आएगा

Ashish Kumar Anshu April 8, 2008 10:19 PM

विशेषांक पसंद आया

Ashish Kumar Anshu April 8, 2008 10:22 PM

विशेषांक पसंद आया.

आशीष कुमार 'अंशु' April 8, 2008 10:24 PM

विशेषांक पसंद आया.

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