हिंदी चिट्ठों पर शानदार लेख

दिल्ली में आज के नवभारत टाईम्स में सरोज सिंह जी का हिंदी चिट्ठों और नारद पर शानदार लेख छपा है। लेख आप सरोज जी के चिट्ठे पर यहां भी पढ़ सकते हैं।

बड़ी इमेज देखने के लिये चित्र पर क्लिक करें।



19 comments:

अफ़लातून March 30, 2007 2:37 PM

बढ़िया लेख । बनारस में नवभारत टाइम्स नहीं आता,पढ़ाने के लिए धन्यवाद ।

anunad,  March 30, 2007 3:36 PM

लेख अत्यन्त सकारात्मक है। सम्यक सूचना से परिपूर्ण है | सरल व सुबोध है। सरोज सिंह जी को साधुवाद।


फिर भी दो चीजों के कमी की तरफ इशारा करना चाहूँगा:
१) नारद सहित हिन्दी के कुछ मह्त्वपूर्ण स्थलों का पता भी देना चाहिये था,
२) यूनिकोड के बारे में एक बक्से में थोड़ा लिख देते तो बहुतों को लाभ होता।

अभय तिवारी March 30, 2007 4:46 PM

अच्छा है.. किसी ने तो लिखा नारद के बारे में..

जीतू March 30, 2007 5:50 PM

सरोज सिंह जी और प्रियरंजन झा जी को इस लेख के लिए धन्यवाद।

लेख अच्छा है, हमे इसका स्वागत करना चाहिए। किसी भी लेखक के लिए यह बहुत मुश्किल होता है कि वह लेख मे क्या कवर करे और क्या छोड़े। लेकिन अच्छा कवरेज है, आशा है धीरे धीरे सभी पत्रकार साथी हिन्दी चिट्ठाकारी को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार लिखते रहेंगे।

धन्यवाद।

अनूप शुक्ला March 30, 2007 5:50 PM

वाह अच्छा लेख लिखा!

masijeevi March 30, 2007 6:10 PM

अच्‍छा लिखा, अरे अविनाश....नीलेश को भी पढ़वा देना मित्र।

Dr Prabhat Tandon March 30, 2007 6:17 PM

लेख पढाने के लिए बहुत-२ धन्यवाद!
जगदीश भाई, कल मैने हिन्दी टूलबार को अपने कम्पयूटर मे इन्सटाल किया , मै मौजिला फ़ायर्फ़ाक्स का प्रयोग कर रहा हूं, लेकिन कई बार की असफ़ल कोशिश करने के बाद भी रेडियो प्लेयेर को चला न पाया. क्या यह सिर्फ़ इन्टर्नेट explorer मे चलता है.

सुरेश चिपलूनकर March 30, 2007 6:25 PM

बहुत ही बढिया लेख है,, सरोज जी को हार्दिक बधाई.. इस लेख को पढकर हम नये ब्लोगरों की हिम्मत बढ गई है,
साथ ही साथ "नारद" के कर्ताधर्ताओं को भी बधाई...जय हिन्दी

संजय बेंगाणी March 30, 2007 6:50 PM

सरोज सिंहजी और प्रियरंजन झाजी को बहुत बहुत बधाई, प्रशंसनीय कार्य किया है.

आपने अखबार की कतरन रख कर भी अच्छा किया. धन्यवाद.

समीर लाल March 30, 2007 8:34 PM

सरोज जी और प्रियरंजन झा जी को हार्दिक बधाई और भाटिया जी को इस पेशकश के लिये धन्यवाद.

गिरिराज जोशी "कविराज" March 30, 2007 9:12 PM

धन्यवाद सरोज जी|

आपने उत्तम प्रयास किया है.

Amit March 30, 2007 9:27 PM

at last deserving people & website got recognition for their efforts, not some newbies who have barely settled down & then got themselves labelled as *maharathi*!! ;) this article is more accurate than any I've seen earlier! :) hats off to Saroji ji!!

sur March 30, 2007 11:27 PM

अरे... मुझे तो पता ही नहीं था इतने लोगों ने यहां भी बधाई दे रखी है।

जगदीश सर और सभी को बहुत बहुत धन्यवाद

bhuvnesh March 31, 2007 12:42 AM

jagdishji lekh padhwane ke liye dhanyawaad....

SHUAIB March 31, 2007 12:42 AM

मुझे बहुत ख़ुशी हुई ये ख़बर पढकर। इस ख‌़ुशी मे सभी हिन्दी चिट्ठाकारों को बधाई

Shrish March 31, 2007 1:18 AM

सरोज जी को इस उम्दा लेख के लिए बधाई और जगदीश भाई को इसके पेपर संस्करण की इमेज उपलब्ध करवाने के लिए बहुत धन्यवाद!

ई-स्वामी March 31, 2007 1:55 AM

किसी समाचार पत्र में यह पहला ऐसा तमीज़ का लेख है जो लोगों के नाम से अधिक उनके काम पर फ़ोकस करता है. खबर बिल्कुल ऐसी ही होनी चाहिए - काम देख कर लोग कोशिश करें की इसके पीछे है कौन ना की आत्मप्रवंचना के भोंगे बज रहे हों!
बहुत बढिया लेख है लेकिन नारद का यूआर-एल ना देना एक गलती के रूप में देखता हूं आगे के लिये नोट किया जाई!

Rachana March 31, 2007 4:28 AM

धन्यवाद जगदीश जी इस लेख को यहाँ प्रस्तुत करने के लिये. सरोज जी ने एक अच्छा सूचनात्मक लेख लिखा हैं..एक ही निवेदन करना है उनसे कि, वे एक हिन्दी समाचार पत्र के लिये हिन्दी भाषा से जुडा लेख लिखते समय अन्ग्रेजी के इतने अधिक शब्दों के प्रयोग से बचतीं तो बेहतर होता..

रजनीश मंगला March 31, 2007 8:22 AM

लेख में बहुत अधिक अंग्रेज़ी शब्द देवनागरी में लिखे गए हैं।

Post a Comment